Trial For Third Phase Of Covaxin A Coronavirus Vaccine Start In Haryana On 20th November – 20 नवंबर से कोवैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल शुरू, सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री विज लगवाएंगे टीका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/रोहतक
Updated Wed, 18 Nov 2020 12:14 PM IST

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।

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हरियाणा में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण 20 नवंबर से शुरू होगा। इसकी जानकारी हरियाणा के गृहमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने ट्वीट किया ‘मैंने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन परीक्षण में खुद पर टीका लगवाने के लिए पहले वालंटियर के तौर पर पेशकश की है।’

तीसरे चरण में मरीज भी हो सकते हैं शामिल
बता दें कि देशभर के 20 रिसर्च सेंटरों में 25,800 वालंटियरों को कोवैक्सीन की डोज दी जाएगी। 20 सेंटरों में से एक पीजीआईएमएस रोहतक भी अपने वालंटियरों को यह डोज देने के लिए तैयार है। कोवैक्सीन रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेट डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि तीसरा फेज शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है। इस फेज में स्वास्थ्य कर्मी, डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियनों के अलावा कंट्रोलड शुगर, बीपी, हार्ट, दमा के मरीज भी वैक्सीन लगवा सकते हैं।

पहले फेज में संस्थान ने 375 व दूसरे फेज में 380 वालंटियरों को कोवैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। अब तीसरे फेज में 25,800 वालंटियरों को यह डोज दी जाएगी। वैक्सीन के आते ही इसे लगाना शुरू कर दिया जाएगा। इस रिसर्च की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा, को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. ध्रुव चौधरी व डॉ. पीएस गिल भी उनके साथ हैं। 

अब तक किसी वालंटियर को नहीं आई समस्या
डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि दो फेज में जितने भी वालंटियरों को कोवैक्सीन की डोज दी गई है, उन्हें अभी तक कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ है। यही नहीं किसी भी वालंटियर के कोरोना संक्रमित होने की भी कोई रिपोर्ट नहीं है। ऐसे में इस वैक्सीन से उम्मीद बढ़ गई है कि यह संक्रमण से बचे लोगों को इस वायरस से बचाने में सहायक होगी।
 

हरियाणा में कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण 20 नवंबर से शुरू होगा। इसकी जानकारी हरियाणा के गृहमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर दी है। उन्होंने ट्वीट किया ‘मैंने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन परीक्षण में खुद पर टीका लगवाने के लिए पहले वालंटियर के तौर पर पेशकश की है।’

तीसरे चरण में मरीज भी हो सकते हैं शामिल

बता दें कि देशभर के 20 रिसर्च सेंटरों में 25,800 वालंटियरों को कोवैक्सीन की डोज दी जाएगी। 20 सेंटरों में से एक पीजीआईएमएस रोहतक भी अपने वालंटियरों को यह डोज देने के लिए तैयार है। कोवैक्सीन रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेट डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि तीसरा फेज शुरू करने की अनुमति मिल चुकी है। इस फेज में स्वास्थ्य कर्मी, डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियनों के अलावा कंट्रोलड शुगर, बीपी, हार्ट, दमा के मरीज भी वैक्सीन लगवा सकते हैं।

पहले फेज में संस्थान ने 375 व दूसरे फेज में 380 वालंटियरों को कोवैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। अब तीसरे फेज में 25,800 वालंटियरों को यह डोज दी जाएगी। वैक्सीन के आते ही इसे लगाना शुरू कर दिया जाएगा। इस रिसर्च की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा, को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. ध्रुव चौधरी व डॉ. पीएस गिल भी उनके साथ हैं। 

अब तक किसी वालंटियर को नहीं आई समस्या
डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि दो फेज में जितने भी वालंटियरों को कोवैक्सीन की डोज दी गई है, उन्हें अभी तक कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ है। यही नहीं किसी भी वालंटियर के कोरोना संक्रमित होने की भी कोई रिपोर्ट नहीं है। ऐसे में इस वैक्सीन से उम्मीद बढ़ गई है कि यह संक्रमण से बचे लोगों को इस वायरस से बचाने में सहायक होगी।
 

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