Supreme Court Trashes Bsf Jawan Tej Bahadur Plea Rejection Nomination Papers Contest Polls Against Pm Narendra Modi – सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले पूर्व जवान तेज बहादुर की याचिका को किया खारिज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 24 Nov 2020 12:58 PM IST

पीएम मोदी और तेज बहादुर
– फोटो : पीटीआई

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बीएसएफ के पूर्व जवान तेजबहादुर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अदालत ने बर्खास्त बीएसएफ जवान की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने 2019 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ वाराणसी से दाखिल किए नामंकन को रद्द किए जाने को चुनौती दी थी।

तेज बहादुर ने याचिका में आरोप लगाया था कि पीएम के दबाव में गलत तरीके से चुनाव अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द किया। तेज बहादुर यादव को समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया था। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि तेज बहादुर न तो वाराणसी के मतदाता हैं और न ही प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ उम्मीदवार थे। इसलिए उनकी तरफ से याचिका दाखिल करने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले को तेज बहादुर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
 

 
बता दें कि तेज बहादुर ने सैन्य बलों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करते हुए एक वीडियो ऑनलाइन वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद उन्हें 2017 में बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। 

उत्तर प्रदेश के वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बीएसएफ के पूर्व जवान तेजबहादुर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, अदालत ने बर्खास्त बीएसएफ जवान की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने 2019 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ वाराणसी से दाखिल किए नामंकन को रद्द किए जाने को चुनौती दी थी।

तेज बहादुर ने याचिका में आरोप लगाया था कि पीएम के दबाव में गलत तरीके से चुनाव अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द किया। तेज बहादुर यादव को समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया था। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि तेज बहादुर न तो वाराणसी के मतदाता हैं और न ही प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ उम्मीदवार थे। इसलिए उनकी तरफ से याचिका दाखिल करने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले को तेज बहादुर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

 

 
बता दें कि तेज बहादुर ने सैन्य बलों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करते हुए एक वीडियो ऑनलाइन वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद उन्हें 2017 में बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। 

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