Preparation For Lockdown In Delhi Again – दिल्ली में फिर लॉकडाउन की तैयारीः कोरोना हॉटस्पॉट बने बाजारों में हो सकता है ऐसा

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Nov 2020 02:01 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कई दिन के दौरान तेजी से बढ़े कोरोना के नए मामलों से सतर्क राज्य सरकार ने लॉकडाउन घोषित करने की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से भीड़भाड़ वाले उन बाजारों में लॉकडाउन लगाने की इजाजत मांगी है, जो कोरोना के हॉटस्पॉट बन सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। 

हालांकि एक दिन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में फिर से लॉकडाउन की अटकलों को खारिज किया था। 
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि कुछ बाजारों में दिवाली के समय भारी भीड़ उमड़ी। इन बाजारों में लोगों ने न तो मास्क पहने और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। इसकी वजह से कोरोना तेजी से फैला है। 

ऐसे में दिल्ली सरकार ने एक प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा है। दरअसल केंद्र सरकार ने पिछली बार अपनी गाइडलाइन में कहा था कि किसी भी राज्य सरकार को स्थानीय या छोटे स्तर पर लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र से अनुमति लेनी पड़ेगी। 

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दिवाली खत्म होने के बाद अब बाजारों में भीड़ कम हो जाएगी और स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिर भी जरूरत पड़ी तो सरकार शटडाउन  के विकल्प को आजमाएगी। इसके लिए देखा जाएगा कि बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने के निर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं और वह क्षेत्र कोरोना हॉटस्पॉट तो नहीं बन रहा है। 

यदि कहीं पर भी यह अनदेखी मिली तो एहतियात के तौर पर उस बाजार को कुछ दिन के लिए बंद किया जा सकता है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार से इजाजत मिलते ही कोरोना पर काबू पाने के लिए इस विकल्प को लागू कर दिया जाएगा।

शादी में भी अब 200 नहीं महज 50 लोग होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि शादियों में भी अब 200 की बजाय 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति मिलेगी। इसका प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली में कुछ हफ्ते पहले कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर राज्य सरकार ने केंद्रीय निर्देशों के मद्देनजर शादियों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी थी। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस आदेश को वापस लेने का फैसला लिया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कई दिन के दौरान तेजी से बढ़े कोरोना के नए मामलों से सतर्क राज्य सरकार ने लॉकडाउन घोषित करने की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से भीड़भाड़ वाले उन बाजारों में लॉकडाउन लगाने की इजाजत मांगी है, जो कोरोना के हॉटस्पॉट बन सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। 

हालांकि एक दिन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली में फिर से लॉकडाउन की अटकलों को खारिज किया था। 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि कुछ बाजारों में दिवाली के समय भारी भीड़ उमड़ी। इन बाजारों में लोगों ने न तो मास्क पहने और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। इसकी वजह से कोरोना तेजी से फैला है। 

ऐसे में दिल्ली सरकार ने एक प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा है। दरअसल केंद्र सरकार ने पिछली बार अपनी गाइडलाइन में कहा था कि किसी भी राज्य सरकार को स्थानीय या छोटे स्तर पर लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र से अनुमति लेनी पड़ेगी। 

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि दिवाली खत्म होने के बाद अब बाजारों में भीड़ कम हो जाएगी और स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिर भी जरूरत पड़ी तो सरकार शटडाउन  के विकल्प को आजमाएगी। इसके लिए देखा जाएगा कि बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने के निर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं और वह क्षेत्र कोरोना हॉटस्पॉट तो नहीं बन रहा है। 

यदि कहीं पर भी यह अनदेखी मिली तो एहतियात के तौर पर उस बाजार को कुछ दिन के लिए बंद किया जा सकता है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार से इजाजत मिलते ही कोरोना पर काबू पाने के लिए इस विकल्प को लागू कर दिया जाएगा।

शादी में भी अब 200 नहीं महज 50 लोग होंगे शामिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि शादियों में भी अब 200 की बजाय 50 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति मिलेगी। इसका प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली में कुछ हफ्ते पहले कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर राज्य सरकार ने केंद्रीय निर्देशों के मद्देनजर शादियों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी थी। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस आदेश को वापस लेने का फैसला लिया गया है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *