Hearing on Richa Chadha defamation suit today news and update| actress file case against Payal ghosh, Kamaal R Khan and a news channel | बयान वापस लेने और माफी मांगने को तैयार हुईं पायल घोष, एक इंटरव्यू में अनुराग कश्यप के साथ जोड़ा था ऋचा का नाम

  • Hindi News
  • Local
  • Maharashtra
  • Hearing On Richa Chadha Defamation Suit Today News And Update| Actress File Case Against Payal Ghosh, Kamaal R Khan And A News Channel

मुंबई13 दिन पहले

  • कॉपी लिंक

ऋचा चड्ढा(बाएं) ने दो सप्ताह पहले पायल घोष(दाएं) को लीगल नोटिस भेजा था, जिसे पायल ने लेने से मना कर दिया था।

  • पायल घोष के मुताबिक, अनुराग ने उनसे कहा था कि ऋचा चड्ढा, हुमा कुरैशी और माही गिल जैसी एक्ट्रेसेस उनके साथ सहज हैं
  • ऋचा चड्ढा ने आधिकारिक बयान में कहा था- किसी भी महिला को दूसरी महिलाओं पर बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाने का हक नहीं

एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा का नाम फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप के साथ जोड़ने के मामले में मानहानि का दावा झेलनी वाली एक्ट्रेस पायल घोष माफी मांगने को तैयार हो गईं हैं। सोमवार दोपहर ऑनलाइन हुई सुनवाई के दौरान वकील नितिन सातपुते ने बताया कि पायल अपने बयान को वापस लेते हुए माफी मांगने को तैयार हैं। जिस पर अदालत ने उनसे ऋचा चड्ढा के वकील से बात कर मामले को सेटेल करने को कहा और इसकी रिपोर्ट सोमवार तक पेश करने की बात कही है। मामले में अगली सुनवाई अब सोमवार को होगी।

3 बजे तक सोचने का अदालत ने दिया था टाइम
इससे पहले सोमवार सुबह सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभिनेत्री पायल घोष के वकील नितिन सतपुते से पूछा कि क्या एक्ट्रेस माफी मांगेंगी? इस पर वकील नितिन सतपुते ने दलील दी कि पायल ने ऋचा के बारे में यह बातें मासूमियत में कही थीं और वो ऋचा की फॉलोअर हैं। उन्होंने कहा कि वे देर रात मुंबई लौटी हैं इसलिए अदालत उन्हें कुछ देर का समय दें अपना फैसला लेने के लिए। इस पर कोर्ट ने उन्हें बुधवार दोपहर 3 बजे तक का समय अपना जवाब देने के लिए दिया। अदालत में उनके बयान की सीडी भी पेश की गई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कमाल आर. खान के वकील मनोज गडकरी से भी पूछा कि क्या उनके क्लाइंट माफी मांगेगे। इस पर उन्होंने कहा कि वे देश से बाहर रहते हैं और उन्हें इसका जवाब देने के लिए कुछ वक्त चाहिए। इस पर अदालत ने उन्हें भी सोमवार तक का वक्त दिया है।

ऋचा ने दायर किया है एक करोड़ 10 लाख का मानहानि केस

एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने निर्माता अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली एक्ट्रेस पायल घोष के खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया है। इसमें पायल पर 1 करोड़ 10 लाख का दावा ठोका गया है। ऋचा ने आरोप लगाया है कि एक टीवी इंटरव्यू में पायल ने उन्हें झूठे मामले में घसीटा और उनके नाम को अपमानजनक ढंग से पेश किया। पहले इस पर 6 अक्टूबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन पायल घोष की ओर से कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद अदालत ने आज (7अक्टूबर) के लिए मामले को टाल दिया था।

पायल घोष के अलावा ऋचा ने फिल्म समीक्षक कमाल आर खान और एक न्यूज चैनल को भी इसमें पार्टी बनाया है। जस्टिस अनिल के मेनन की सिंगल बेंच इस अर्जी सुनवाई कर रही है। ऋचा ने वरिष्ठ वकील वीरेंद्र तुलजापुरकर के माध्यम से यह याचिका अदालत में दायर करवाई है। मामले को लेकर सभी पक्षकारों को ईमेल के माध्यम से जवाब दाखिल करने का नोटिस दिया गया है।

पायल ने ऐसे ऋचा का नाम इस केस में घसीटा था
ऋचा ने याचिका में कहा है कि उन्हें एक तीसरे व्यक्ति के खिलाफ दावों में घसीटा गया है। उन पर लगे आरोप झूठे हैं। पायल ने अपने इंटरव्यू में दावा किया था कि अनुराग ने उन्हें बताया था कि ऋचा, माही गिल, हुमा कुरैशी जैसे कलाकारों उन पर सेक्सुअल फेवर किया था और अनुराग को पायल से भी यही उम्मीद है।

पायल घोष ने कहा- यह मैंने नहीं अनुराग कश्यप ने कहा था
ऋचा के कानूनी नोटिस के बारे में बोलते हुए पायल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि यह मेरा कहना नहीं था, ये सब अनुराग कश्यप ने मुझे बताया था। मैंने वह कहा जो अनुराग ने मुझे बताया था। मैं उन लड़कियों को नहीं जानती। फिर मैं उनका नाम क्यों लेने लगी। वे कौन हैं? मेरी तरफ से किसी के नाम का कोई सवाल नहीं है। ऋचा को अनुराग से पूछना चाहिए कि उसने उनका नाम क्यों लिया था?

ऋचा के वकील ने जारी किया था ऑफिशियल स्टेटमेंट

इससे पहले ऋचा चड्ढा की ओर से उनकी वकील सवीना बेदी सचर ने आधिकारिक स्टेटमेंट जारी किया था। इसमें उन्होंने लिखा था- हमारी क्लाइंट ऋचा चड्ढा हाल ही में किसी तीसरे पक्ष द्वारा उठाए गए विवाद और आरोपों में अपमानजनक तरीके से अपना नाम घसीटे जाने की निंदा करती हैं। हालांकि, हमारी क्लाइंट का मानना है कि महिलाओं को हर कीमत पर न्याय मिलना चाहिए। ऐसे कानून हैं, जो सुनिश्चित करते हैं कि महिलाएं काम की जगह पर समान रूप से खड़ी हों और यह भी सुनिश्चित करते हैं कि यह एक सौहार्दपूर्ण कार्यस्थल हो, जहां उनकी गरिमा और स्वाभिमान सुरक्षित रहे। किसी भी महिला द्वारा उसकी आजादी का इस्तेमाल दूसरी महिलाओं के खिलाफ निराधार, गैर-वजूद, झूठे और आधारहीन आरोप लगाने के लिए नहीं किया जा सकता। हमारी क्लाइंट ने कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उनके हित में कानूनी अधिकारों और उपचारों पर सलाह ली जाएगी।”

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *