Gst Registration May Be Linked To Biometrics Like Adhaar, Government Strict To Stop Fraud – जीएसटी पंजीकरण: बायोमीट्रिक प्रणाली से जोड़ कर फर्जीवाड़ा रोकेगी सरकार, सख्त निर्णय जल्द

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Nov 2020 08:00 AM IST

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केंद्र सरकार जीएसटी पंजीकरण में फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर सख्त निर्णय लेने जा रही है। जिन व्यापारियों की आधार पहचान संख्या नहीं है, उनका नया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण तत्काल नहीं हो सकेगा। एक सशक्त पैनल जीएसटी पंजीकरण को बायोमीट्रिक प्रणाली से जोड़ने पर विचार कर रहा है। इसमें पंजीकरण के समय आधार की तरह बायोमीट्रिक सूचनाओं के आधार पर लाइव फोटो के जरिए जीएसटी पंजीकरण की व्यवस्था होगी। 

आधार जैसी प्रक्रिया होगी
नाम ना छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी परिषद की कानून समिति ने सुझाव दिया है कि नए जीएसटी आवेदक आधार जैसी प्रक्रिया का पालन करेंगे, जिसके तहत नए पंजीकरण को लाइव फोटो, बायोमीट्रिक के उपयोग और दस्तावेजों के सत्यापन के साथ ऑनलाइन किया जा सकेगा। 

पासपोर्ट सेवा केंद्रों जैसा काम करेेगा जीएसके
एक अधिकारी ने कहा, ऐसी सुविधाएं (बायोमीट्रिक विवरण के साथ पंजीकरण) बैंकों, डाकघरों और पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) या आधार सेवा केंद्रों (एएसके) की तरह ही जीएसटी सेवा केंद्रों (जीएसके) पर प्रदान की जा सकती हैं। जीएसके पासपोर्ट सेवा केंद्रों के पैटर्न पर काम करेगा, ताकि फर्जी पंजीकरण पर आवश्यक जांच के साथ नई पंजीकरण सुविधाएं प्रदान की जा सकें। 

13-14 लाख पंजीकृत इकाइयां गायब
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया जीएसटी से संबंधित धोखाधड़ी की जांच करने के लिए विचाराधीन है। उन्होंने कहा, वार्षिक रूप से, 18-19 लाख नए जीएसटी पंजीकरण होते हैं, लेकिन वर्ष के अंत में उनमें से केवल 30 फीसदी शेष बचते हैं। लगभग 13-14 लाख जीएसटी-पंजीकृत इकाइयां गायब हो गईं। उनमें से अधिकांश फ्लाई-बाय-नाइट ऑपरेटर हैं। वे फर्जी फर्म बनाते हैं। वास्तव में वे वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा करते हैं।

देशव्यापी कार्रवाई शुरू, 648 मामले दर्ज
समिति ने दो दिवसीय बैठक उस समय आयोजित की जब सरकार ने जीएसटी धोखाधड़ी के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई शुरू की है। जीएसटी धोखाधड़ी को लेकर अब तक 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक महिला और तीन चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) भी शामिल हैं। इसने केवल 10 दिनों में 2,385 फर्जी संस्थाओं की पहचान करने के अलावा 648 मामले दर्ज किए हैं।

केंद्र सरकार जीएसटी पंजीकरण में फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर सख्त निर्णय लेने जा रही है। जिन व्यापारियों की आधार पहचान संख्या नहीं है, उनका नया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण तत्काल नहीं हो सकेगा। एक सशक्त पैनल जीएसटी पंजीकरण को बायोमीट्रिक प्रणाली से जोड़ने पर विचार कर रहा है। इसमें पंजीकरण के समय आधार की तरह बायोमीट्रिक सूचनाओं के आधार पर लाइव फोटो के जरिए जीएसटी पंजीकरण की व्यवस्था होगी। 

आधार जैसी प्रक्रिया होगी

नाम ना छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी परिषद की कानून समिति ने सुझाव दिया है कि नए जीएसटी आवेदक आधार जैसी प्रक्रिया का पालन करेंगे, जिसके तहत नए पंजीकरण को लाइव फोटो, बायोमीट्रिक के उपयोग और दस्तावेजों के सत्यापन के साथ ऑनलाइन किया जा सकेगा। 

पासपोर्ट सेवा केंद्रों जैसा काम करेेगा जीएसके
एक अधिकारी ने कहा, ऐसी सुविधाएं (बायोमीट्रिक विवरण के साथ पंजीकरण) बैंकों, डाकघरों और पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) या आधार सेवा केंद्रों (एएसके) की तरह ही जीएसटी सेवा केंद्रों (जीएसके) पर प्रदान की जा सकती हैं। जीएसके पासपोर्ट सेवा केंद्रों के पैटर्न पर काम करेगा, ताकि फर्जी पंजीकरण पर आवश्यक जांच के साथ नई पंजीकरण सुविधाएं प्रदान की जा सकें। 

13-14 लाख पंजीकृत इकाइयां गायब
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया जीएसटी से संबंधित धोखाधड़ी की जांच करने के लिए विचाराधीन है। उन्होंने कहा, वार्षिक रूप से, 18-19 लाख नए जीएसटी पंजीकरण होते हैं, लेकिन वर्ष के अंत में उनमें से केवल 30 फीसदी शेष बचते हैं। लगभग 13-14 लाख जीएसटी-पंजीकृत इकाइयां गायब हो गईं। उनमें से अधिकांश फ्लाई-बाय-नाइट ऑपरेटर हैं। वे फर्जी फर्म बनाते हैं। वास्तव में वे वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा करते हैं।

देशव्यापी कार्रवाई शुरू, 648 मामले दर्ज
समिति ने दो दिवसीय बैठक उस समय आयोजित की जब सरकार ने जीएसटी धोखाधड़ी के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई शुरू की है। जीएसटी धोखाधड़ी को लेकर अब तक 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक महिला और तीन चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) भी शामिल हैं। इसने केवल 10 दिनों में 2,385 फर्जी संस्थाओं की पहचान करने के अलावा 648 मामले दर्ज किए हैं।

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