Prayagraj: Three Died Due To Poisonous Liquor In Phulpur, Many In Critical Condition – Prayagraj : फूलपुर में जहरीली शराब ने बरपाया कहर, विश्वविद्यालय कर्मी समेत पांच की मौत 

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लखनऊ में छह मौतों को अभी हफ्ते भर ही बीते थे कि जहरीली शराब ने शुक्रवार को जिले में कहर बरपा दिया। फूलपुर क्षेत्र के अमिलिया, कंसार, मलिया का पूरा व मैलवन गांव में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेश गौड़ भी शामिल है। शराब पीने के बाद चार अन्य ग्रामीणों की भी हालत बिगड़ गई, जिन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। मौके पर डीएम समेत तमाम आला अफसर जंाच पड़ताल में जुटे रहे। 

मृतकों मेें अमिलिया गांव निवासी बसंतलाल पटेल 55, शंभूनाथ मौर्य 41, राजबहादुर हरिजन 45 के अलावा मलिया का पूरा निवासी रामप्यारे 42 व राजेश 40 निवासी मैलवन शामिल हैं। परिजनों के मुताबिक, बसंतलाल ने बृहस्पतिवार शाम गांव में ही स्थित देशी ठेके से शराब खरीदकर पी थी। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और फिर रात में मौत हो गई।

दोपहर बाद गांव के ही कई अन्य लोगों भी हालत बिगड़ गई जिनके बारे में बताया गया कि उन्होंने भी ठेके की शराब पी थी। इनमें शामिल शंभूनाथ, राजबहादुर व रामप्यारे के अलावा राजेश की भी मौत हो गई। जबकि ताराचंद पासी निवासी कोनार, प्रभूनाथ पटेल निवासी अमिलिया, पवन हरिजन व जगदीश यादव निवासी खंसार को गंभीर हालत में एसआरएन में भर्ती कराया गया है। शराब से मौत की सूचना पर हडक़ंप मच गया। जिसके बाद डीएम, एसएसपी के साथ ही आबकारी विभाग के अफसर भी मौके पर पहुंच गए। अफसर देर रात तक जांच पड़ताल में जुटे रहे। 

तीन सरकारी ठेके सील, एक सेल्समैन हिरासत में

सूत्रों के मुताबिक, अमिलिया गांव स्थित जिस सरकारी ठेके की शराब पीने के बाद ग्रामीणों की हालत बिगड़ी, उसके  संचालक के पास कुल तीन दुकानों का लाइसेंस है। एहतियातन पुलिस ने सभी तीन दुकानों को सील करते हुए एक के सेल्समैन को हिरासत में ले लिया। एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि सेल्समैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

उधर सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी पता चला कि विंडीज ब्रंाड की शराब पीने के बाद ग्रामीणों की हालत बिगड़ी। मामले में जिला आबकारी अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कई बार फोन करने के बाद भी उन्होंने कॉल नहीं रिसीव की। डीएम के सरकारी नंबर पर कॉल करने पर उनके स्टेनो ने फोन रिसीव किया और बताया कि साहब से कुछ देर बाद बात हो सकेगी। लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से भी कोई जवाब नहीं मिल सका था।

लखनऊ में छह मौतों को अभी हफ्ते भर ही बीते थे कि जहरीली शराब ने शुक्रवार को जिले में कहर बरपा दिया। फूलपुर क्षेत्र के अमिलिया, कंसार, मलिया का पूरा व मैलवन गांव में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई। इनमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेश गौड़ भी शामिल है। शराब पीने के बाद चार अन्य ग्रामीणों की भी हालत बिगड़ गई, जिन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। मौके पर डीएम समेत तमाम आला अफसर जंाच पड़ताल में जुटे रहे। 

मृतकों मेें अमिलिया गांव निवासी बसंतलाल पटेल 55, शंभूनाथ मौर्य 41, राजबहादुर हरिजन 45 के अलावा मलिया का पूरा निवासी रामप्यारे 42 व राजेश 40 निवासी मैलवन शामिल हैं। परिजनों के मुताबिक, बसंतलाल ने बृहस्पतिवार शाम गांव में ही स्थित देशी ठेके से शराब खरीदकर पी थी। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और फिर रात में मौत हो गई।

दोपहर बाद गांव के ही कई अन्य लोगों भी हालत बिगड़ गई जिनके बारे में बताया गया कि उन्होंने भी ठेके की शराब पी थी। इनमें शामिल शंभूनाथ, राजबहादुर व रामप्यारे के अलावा राजेश की भी मौत हो गई। जबकि ताराचंद पासी निवासी कोनार, प्रभूनाथ पटेल निवासी अमिलिया, पवन हरिजन व जगदीश यादव निवासी खंसार को गंभीर हालत में एसआरएन में भर्ती कराया गया है। शराब से मौत की सूचना पर हडक़ंप मच गया। जिसके बाद डीएम, एसएसपी के साथ ही आबकारी विभाग के अफसर भी मौके पर पहुंच गए। अफसर देर रात तक जांच पड़ताल में जुटे रहे। 

तीन सरकारी ठेके सील, एक सेल्समैन हिरासत में

सूत्रों के मुताबिक, अमिलिया गांव स्थित जिस सरकारी ठेके की शराब पीने के बाद ग्रामीणों की हालत बिगड़ी, उसके  संचालक के पास कुल तीन दुकानों का लाइसेंस है। एहतियातन पुलिस ने सभी तीन दुकानों को सील करते हुए एक के सेल्समैन को हिरासत में ले लिया। एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि सेल्समैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

उधर सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी पता चला कि विंडीज ब्रंाड की शराब पीने के बाद ग्रामीणों की हालत बिगड़ी। मामले में जिला आबकारी अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कई बार फोन करने के बाद भी उन्होंने कॉल नहीं रिसीव की। डीएम के सरकारी नंबर पर कॉल करने पर उनके स्टेनो ने फोन रिसीव किया और बताया कि साहब से कुछ देर बाद बात हो सकेगी। लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से भी कोई जवाब नहीं मिल सका था।

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