Bihar Education Minister Mewa Lal Choudhary Resigns. – बिहार के मंत्री मेवालाल चौधरी ने दिया पद से इस्तीफा, भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी रखी अपनी बात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Thu, 19 Nov 2020 04:36 PM IST

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नीतीश सरकार में शपथ लेने वाले मेवा लाल चौधरी भ्रष्टाचार को लेकर चौतरफा घिरने के बाद गुरुवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी केस तब साबित होता है जब आपके खिलाफ़ कोई चार्जशीट हुई हो या कोर्ट ने कुछ फैसला किया हो। न हमारे खिलाफ अभी कोई चार्जशीट हुई है न ही हमारे ऊपर कोई आरोप दर्ज़ हुआ है।

बता दें कि मेवा लाल के शपथ लेने के बाद से ही विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल उनपर हमलावर हो गई थी। आरजेडी ने भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर और उनकी पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में मेवा लाल की कथित संलिप्तता को लेकर जांच की मांग कर रही थी। 

गौरतलब है कि 2017 में मेवालाल चौधरी पर भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए कॉलेज के नियुक्ति में भ्रष्टाचार करने का आरोप है। उनके ऊपर आरोप है कि कुलपति रहते हुए उन्होंने 161 सहायक प्रोफेसर की गलत तरीके से बहाली की। इस मामले को लेकर उनके ऊपर प्राथमिकी भी दर्ज है। 
 

भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद उस समय को बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने मेवालाल चौधरी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे और जांच में उनके ऊपर लगे आरोप सही पाए गए थे।

नीतीश सरकार में शपथ लेने वाले मेवा लाल चौधरी भ्रष्टाचार को लेकर चौतरफा घिरने के बाद गुरुवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी केस तब साबित होता है जब आपके खिलाफ़ कोई चार्जशीट हुई हो या कोर्ट ने कुछ फैसला किया हो। न हमारे खिलाफ अभी कोई चार्जशीट हुई है न ही हमारे ऊपर कोई आरोप दर्ज़ हुआ है।

बता दें कि मेवा लाल के शपथ लेने के बाद से ही विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल उनपर हमलावर हो गई थी। आरजेडी ने भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर और उनकी पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले में मेवा लाल की कथित संलिप्तता को लेकर जांच की मांग कर रही थी। 

गौरतलब है कि 2017 में मेवालाल चौधरी पर भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए कॉलेज के नियुक्ति में भ्रष्टाचार करने का आरोप है। उनके ऊपर आरोप है कि कुलपति रहते हुए उन्होंने 161 सहायक प्रोफेसर की गलत तरीके से बहाली की। इस मामले को लेकर उनके ऊपर प्राथमिकी भी दर्ज है। 

 

भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद उस समय को बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने मेवालाल चौधरी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे और जांच में उनके ऊपर लगे आरोप सही पाए गए थे।

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