Chandigarh News: Students Submit Blank Answer Sheet In Exam – चंडीगढ़ : कोरोना है…शिक्षक ऐसे ही पास कर देंगे, छात्रों ने खाली छोड़ दी उत्तर पुस्तिकाएं

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला





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चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में पिछले दिनों आयोजित की गई 9वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा में कई विद्यार्थी उत्तर-पुस्तिका खाली ही छोड़ आए। वहीं ज्यादातर दूसरे विद्यार्थियों ने ना के बराबर प्रश्नों को हल किया। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए अंतिम वर्ष की परीक्षा के अंक आधे कर दिए गए थे जिससे विद्यार्थियों पर पेपर का बोझ नहीं पड़े और पास होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत ज्यादा हो सके। 93 स्कूलों में से 38 स्कूलों के सभी विद्यार्थी फेल हुए हैं। केवल जीएमएचएस-29ए में ही इस वर्ष नौंवी में सभी विद्यार्थी पास हुए हैं। 

शहर के 93 सरकारी स्कूलों में 3950 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई थी। अंतिम परिणाम जारी होने के लगभग छह महीने बाद कम्पार्टमेंट परीक्षा का आयोजन किया गया। उसमें भी सिर्फ 401 विद्यार्थी ही पास हुए और 3387 विद्यार्थियों ने कंपार्टमेंट की परीक्षा दी। शिक्षकों ने बताया उत्तर पुस्तिका जांच के दौरान जब विद्यार्थियों से उत्तर नहीं लिखने और बहुत कम पेपर लिखने का कारण पूछा गया तो ज्यादातर विद्यार्थियों ने जवाब दिया कि उन्हें लगा कोरोना के चलते परीक्षा नहीं होगी और उन्हें पास कर दिया जाएगा। 

कंपार्टमेंट विद्यार्थियों की लगी एक्स्ट्रा ऑनलाइन कक्षाएं, परिणाम शून्य

38 स्कूलों के सभी विद्यार्थी फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों के डाउट क्लियर करने के लिए कंपार्टमेंट विद्यार्थियों की एक्स्ट्रा कक्षाएं भी लगवाई गई थी। एक्स्ट्रा कक्षाओं में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति ज्यादा नहीं देखने को मिली थी। 

शिक्षा निदेशक रुबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि मार्च में ही कोविड-19 को देखते हुए हमने स्कूलों को 9वीं के विद्यार्थियों को 30 अंक ग्रेस देने के निर्देश दिए थे, ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी उत्तीर्ण होकर अगली कक्षा में बैठ सकें।

इन स्कूलों में कंपार्टमेंट के सभी विद्यार्थी हुए फेल 

जीएमएसएसएस-10 , जीएमएसएसएस- 15, जीएमएसएसएस-23 ए, जीएमएसएसएस-28 डी, जीएमएसएसएस -33, जीएमएसएसएस-44, जीएमएसएसएस- मलोया, जीएमएसएसएस- सारंगपुर, जीएमएसएसएस – रायपुर खुर्द, जीएसएसएस- खुड्डा अली शेर, जीएमएचएस-7, जीएमएचएस-12, जीएमएचएस-20 डी, जीएमएचएस-29 बी, जीएमएचएस-31सी, जीएमएचएस-32, जीएमएचएस-37, जीएमएचएस-40, जीएमएचएस-41 डी, जीएमएचएस-48, जीएमएचएस- खुड्डा जस्सू, जीएमएचएस- पॉकेट -1 मनीमाजरा, जीएमएचएस – धनास (1), जीएमएचएस- धनास (2), जीएमएचएस- करसन, जीएमएचएस- मौली कॉलोनी, जीएचएस-19, जीएचएस- 24, जीएचएस- 38 बी, जीएचएस-46, जीएचएस- 47, जीएचएस-50, जीएचएस-53, जीएचएस- कजहेरी, जीएचएस- हल्लोमाजरा, जीएचएस- दरिया, जीएचएस- सारंगपुर, जीएचएस- इंदिरा कॉलोनी मनीमाजरा। 

शिक्षकों के अनुसार ये रहे कारण 

  • आरटीई के तहत पहली से आठवीं तक विद्यार्थियों को जबरदस्ती पास करना। पढ़ाई में कमजोर होने के कारण 9वीं का पाठ्यक्रम नहीं समझ पाना। 
  • कोविड-19 के कारण विद्यार्थी घरों में नहीं कर रहे पढ़ाई। विद्यार्थियों के मन में वहम कि परीक्षा के बिना ही किया जाएगा पास। 
  • शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा से लगभग एक हफ्ते पहले ही डेटशीट जारी करना। समय पर परीक्षा लेने का फैसला नहीं कर पाने के कारण विद्यार्थियों को लगा पेपर नहीं होंगे। 
  • अंतिम वर्ष की परीक्षा में दिए 30 अंक ग्रेस दिए गए थे। विद्यार्थियों को लगा शायद इस बार भी मिलेगी छूट। 
  • एक हफ्ते में ही करवाए सभी पेपर। कई स्कूलों में दो शिफ्टों में हुई परीक्षा, इसके कारण भी विद्यार्थियों को तैयारी का ज्यादा समय नहीं मिला। 

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में पिछले दिनों आयोजित की गई 9वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा में कई विद्यार्थी उत्तर-पुस्तिका खाली ही छोड़ आए। वहीं ज्यादातर दूसरे विद्यार्थियों ने ना के बराबर प्रश्नों को हल किया। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए अंतिम वर्ष की परीक्षा के अंक आधे कर दिए गए थे जिससे विद्यार्थियों पर पेपर का बोझ नहीं पड़े और पास होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत ज्यादा हो सके। 93 स्कूलों में से 38 स्कूलों के सभी विद्यार्थी फेल हुए हैं। केवल जीएमएचएस-29ए में ही इस वर्ष नौंवी में सभी विद्यार्थी पास हुए हैं। 

शहर के 93 सरकारी स्कूलों में 3950 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई थी। अंतिम परिणाम जारी होने के लगभग छह महीने बाद कम्पार्टमेंट परीक्षा का आयोजन किया गया। उसमें भी सिर्फ 401 विद्यार्थी ही पास हुए और 3387 विद्यार्थियों ने कंपार्टमेंट की परीक्षा दी। शिक्षकों ने बताया उत्तर पुस्तिका जांच के दौरान जब विद्यार्थियों से उत्तर नहीं लिखने और बहुत कम पेपर लिखने का कारण पूछा गया तो ज्यादातर विद्यार्थियों ने जवाब दिया कि उन्हें लगा कोरोना के चलते परीक्षा नहीं होगी और उन्हें पास कर दिया जाएगा। 

कंपार्टमेंट विद्यार्थियों की लगी एक्स्ट्रा ऑनलाइन कक्षाएं, परिणाम शून्य

38 स्कूलों के सभी विद्यार्थी फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों के डाउट क्लियर करने के लिए कंपार्टमेंट विद्यार्थियों की एक्स्ट्रा कक्षाएं भी लगवाई गई थी। एक्स्ट्रा कक्षाओं में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति ज्यादा नहीं देखने को मिली थी। 


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कोविड को देखते हुए इस वर्ष दिए थे 30 ग्रेस अंक 

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