Bihar Government Nitish Kumar Put The Task Of Living Up To The Issue Of Unemployment And Industry On Bjp – बिहार सरकार: बेरोजगारी और उद्योग के मुद्दे  पर खरा उतरने का जिम्मा भाजपा पर डाला

रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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बिहार की नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में वित्त और राजस्व के साथ उद्योग मंत्रालय भाजपा को दिया गया है। बिहार विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी और राज्य में उद्योग न लगना अहम मुद्दे थे। नई सरकार में भाजपा नए मंत्रालयों के नाम पर उद्योग और पंचायती राज जैसे अहम मंत्रालय ही हासिल कर पाई।

इसका सीधा सा अर्थ है कि इन मुद्दों पर लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की मुख्य जिम्मेदारी अब भाजपा को निभानी होगी। खासतौर पर राज्य में उन्नीस लाख नए रोजगार सृजित करने के साथ राज्य का राजस्व बढ़ाने की जिम्मेदारी भाजपा की होगी। उल्लेखनीय है कि इन्हीं मुद्दों ने इस चुनाव में नीतीश और जदयू को बैकफुट पर धकेल दिया था।

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा की तरह ही पिछड़ा और अतिपिछड़ा के साथ महादलित वर्ग पर दांव लगाया है। पार्टी के सभी मंत्री इन्हीं वर्गों से है। साफ है कि जदयू की भी भाजपा की तरह अपने पुराने वोट बैंक को सहेजकर आगे बढ़ने की रणनीति है। गृह विभाग को पहले की तरह अपने पास रख कर नीतीश ने कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी खुद उठाते रहने का संदेश दिया है।

भाजपा के पास ज्यादातर पुराने विभाग
नई सरकार में भाजपा के हिस्से ज्यादातर पुराने विभाग आए हैं। मसलन उपमुख्यमंत्री बनाए गए तारकिशोर प्रसाद को निवर्तमान उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के वित्त समेत अन्य विभाग मिले हैं। पार्टी को पहले की तरह सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, पिछड़ा-अति पिछड़ा, कृषि, पर्यटन, नगर विकास, कला-संस्कृति जैसे विभाग मिले हैं। भाजपा के मंगल पांडेय को स्वास्थ्य, कला एवं संस्कृति एवं पथ निर्माण विभाग दिया गया है। वह इससे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री थे। अमरेंद्र प्रताप सिंह को कृषि, सहकारी और गन्ना विभाग  की जिम्मेदारी दी गई है। रामप्रीत पासवान को पीएचईडी विभाग, जीवेश कुमार को पर्यटन, श्रम एवं खनन विभाग और रामसूरत कुमार को राजस्व एवं विधि विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

जदयू, हम और वीआईपी के इन लोगों को मिला मंत्री पद
नवगठित मंत्रियों में जदयू कोटे से मंत्री बने अशोक चौधरी को भवन निर्माण, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग मिला है। जदयू के ही मेवा लाल चौधरी को शिक्षा विभाग का जिम्मा दिया गया है। शीला कुमारी को परिवहन विभाग, विजेंद्र यादव को ऊर्जा विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, विजय चौधरी को ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन, सूचना एवं जनसंपर्क, रामसूरत राय को राजस्व और कानून मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। हम के संतोष कुमार सुमन को लघु जल संसाधन एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री बनाया गया है। वहीं, वीआईपी से मुकेश साहनी को मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग का मंत्री पद दिया गया है।

बिहार की नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में वित्त और राजस्व के साथ उद्योग मंत्रालय भाजपा को दिया गया है। बिहार विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी और राज्य में उद्योग न लगना अहम मुद्दे थे। नई सरकार में भाजपा नए मंत्रालयों के नाम पर उद्योग और पंचायती राज जैसे अहम मंत्रालय ही हासिल कर पाई।

इसका सीधा सा अर्थ है कि इन मुद्दों पर लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की मुख्य जिम्मेदारी अब भाजपा को निभानी होगी। खासतौर पर राज्य में उन्नीस लाख नए रोजगार सृजित करने के साथ राज्य का राजस्व बढ़ाने की जिम्मेदारी भाजपा की होगी। उल्लेखनीय है कि इन्हीं मुद्दों ने इस चुनाव में नीतीश और जदयू को बैकफुट पर धकेल दिया था।

वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा की तरह ही पिछड़ा और अतिपिछड़ा के साथ महादलित वर्ग पर दांव लगाया है। पार्टी के सभी मंत्री इन्हीं वर्गों से है। साफ है कि जदयू की भी भाजपा की तरह अपने पुराने वोट बैंक को सहेजकर आगे बढ़ने की रणनीति है। गृह विभाग को पहले की तरह अपने पास रख कर नीतीश ने कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी खुद उठाते रहने का संदेश दिया है।

भाजपा के पास ज्यादातर पुराने विभाग
नई सरकार में भाजपा के हिस्से ज्यादातर पुराने विभाग आए हैं। मसलन उपमुख्यमंत्री बनाए गए तारकिशोर प्रसाद को निवर्तमान उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के वित्त समेत अन्य विभाग मिले हैं। पार्टी को पहले की तरह सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, पिछड़ा-अति पिछड़ा, कृषि, पर्यटन, नगर विकास, कला-संस्कृति जैसे विभाग मिले हैं। भाजपा के मंगल पांडेय को स्वास्थ्य, कला एवं संस्कृति एवं पथ निर्माण विभाग दिया गया है। वह इससे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री थे। अमरेंद्र प्रताप सिंह को कृषि, सहकारी और गन्ना विभाग  की जिम्मेदारी दी गई है। रामप्रीत पासवान को पीएचईडी विभाग, जीवेश कुमार को पर्यटन, श्रम एवं खनन विभाग और रामसूरत कुमार को राजस्व एवं विधि विभाग की जिम्मेदारी मिली है।

जदयू, हम और वीआईपी के इन लोगों को मिला मंत्री पद
नवगठित मंत्रियों में जदयू कोटे से मंत्री बने अशोक चौधरी को भवन निर्माण, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग मिला है। जदयू के ही मेवा लाल चौधरी को शिक्षा विभाग का जिम्मा दिया गया है। शीला कुमारी को परिवहन विभाग, विजेंद्र यादव को ऊर्जा विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, विजय चौधरी को ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन, सूचना एवं जनसंपर्क, रामसूरत राय को राजस्व और कानून मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। हम के संतोष कुमार सुमन को लघु जल संसाधन एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री बनाया गया है। वहीं, वीआईपी से मुकेश साहनी को मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग का मंत्री पद दिया गया है।

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