Vodafone Idea Funding Latest Updates On American Oaktree Capital Company | वोडाफोन आइडिया को मिल सकता है लगभग 15 हजार करोड़ रु. का निवेश, खबर से शेयर भी 4% उछला

  • Hindi News
  • Business
  • Vodafone Idea Funding Latest Updates On American Oaktree Capital Company

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मुंबई7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ब्लूमबर्ग के मुताबिक कंपनी के लिए फंड इन्फ्यूजन सबसे बड़ी समस्या है। दूसरी ओर, कंपनी को बीते 9 तिमाहियों में लगातार घाटा हुआ है।

  • वर्तमान में कंपनी पर कुल 1.14 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है
  • 3 सितंबर से अबतक कंपनी का शेयर 25% नीचे फिसल चुका है

वोडाफोन ग्रुप के भारतीय कारोबार को 2 बिलियन डॉलर (14.85 हजार करोड़ रुपए) का निवेश मिल सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑकट्री कैपिटल (Oaktree Capital) और वर्दे पार्टनर्स (Varde Partners), वोडाफोन आइडिया में निवेश कर सकते हैं। गुरुवार को इस खबर के चलते बाजार में कंपनी का शेयर 4% से ज्यादा उछला।

कंपनी के मिल सकता है भारी निवेश

रिपोर्ट के मुताबिक इन्वेस्टर ग्रुप वोडाफोन आइडिया में 14.85 हजार करोड़ रुपए से 18.56 हजार करोड़ रुपए के निवेश के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। सितंबर में कंपनी की बोर्ड ने शेयर बिक्री और कर्ज से 25.25 हजार करोड़ रुपए की रकम जुटाने की बात कही थी। क्योंकि कंपनी देश में अन्य टेलीकॉम कंपनियों के साथ कंपीट करना चाहती है। लेकिन तब यह तय नहीं था कि ऑकट्री और अन्य के साथ डील की रुपरेखा कैसी होगी। सूत्रों के मुताबिक वोडाफोन आइडिया ने इसके अलावा अन्य निवेशकों से बातचीत की है।

लगातार 9 तिमाहियों में घाटा

खबर के बाद गुरुवार को बाजार में वोडाफोन आइडिया का शेयर 4.4% तक ऊपर चढ़ा। अंत में शेयर 0.76% की बढ़त के साथ 9.27 रुपए प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ। वहीं, 3 सितंबर से अबतक कंपनी का शेयर 25% नीचे फिसल चुका है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक कंपनी के लिए फंड इन्फ्यूजन सबसे बड़ी समस्या है। दूसरी ओर, कंपनी को बीते 9 तिमाहियों से लगातार घाटा हो रहा है। 2017 में वोडाफोन ग्रुप और आइडिया का मर्जर हुआ था, तब से अब तक कंपनी को सालाना मुनाफा नहीं हुआ है।

कंपनी की वित्तीय हालत नाजुक

इससे वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति बेहद नाजुक हाल में पहुंच गई है। वर्तमान में कंपनी पर कुल 1.14 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। इसकी बड़ी वजह कंपनी पर एजीआर का 50 हजार करोड़ रुपए का बकाया है। पिछले साल दिसंबर में ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एजीआर मामले पर सख्त आदेश दिया था कि वो टेलीकॉम कंपनियों से बकाया राशि की वसूली करे।

इस पर आइडिया सेल्युलर के चेयरमैन कुमार मंगलम ने बकाए पर राहत के अभाव में कंपनी दिवालिया घोषित करने की धमकी दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बकाया भुगतान के लिए टेलीकॉम कंपनियों को 10 साल का समय दिया है। जिसमें कंपनियों को किस्तों में भुगतान करना है। वोडाफोन को अगली किस्त अप्रैल 2021 में जमा करना है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक इस समय भारतीय कारोबार को फंड की आवश्यकता है। ऐसे में ऑकट्री और वर्दे जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियां इसमें निवेश कर बेहतर मुनाफे पर दांव लगा रही है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5 Difference Between Apple Watch 4 And 5