income tax ; tax ; Senior citizens get more tax benefits than the common man, they need to know | सीनियर सिटीजंस को आम लोगों की तुलना में मिलते हैं ज्यादा टैक्स बेनिफिट, इन्हें जानना है जरूरी

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नई दिल्ली2 मिनट पहले

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सेक्शन 207 के तहत वो वरिष्ठ नागरिक जिसकी कारोबार या पेशे ये कोई आय नहीं है, उसे किसी एडवांस टैक्स का भुगतान नहीं करना होता है

  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में टैक्स छूट की सीमा 3 लाख रुपए है
  • वरिष्ठ नागरिक सेविंग्स बैंक अकाउंट और FD से मिले ब्याज पर 50 हजार रु तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं

वो हर व्यक्ति जिसकी सालाना इनकम टैक्स के दायरे में आती है उसे इनकम टैक्स भरना पड़ता है। लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को (60 साल से अधिक उम्र) आम लोगों के मुकाबले कुछ अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट मिलते हैं। आज हम आपको उन टैक्स बेनिफिट्स के बारे में बता रहे हैं जो आम लोगों को नहीं मिलते हैं।

टैक्स लिमिट में छूट
वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में टैक्स छूट की सीमा 3 लाख रुपए है, वहीं एक आम आदमी को केवल 2.5 लाख रुपए तक ही टैक्स छूट मिलती है। अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह 5 लाख रुपए (80 साल से अधिक उम्र) है। यानी अगर किसी सीनियर सिटीजन की सालाना आय 3 लाख रुपए तक है और TDS की कटौती नहीं की गई है, तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं है। इसी तरह अति वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपए तक सालाना इनकम न होने पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं है।

इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर डिडक्शन
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80D के तहत सीनियर सिटीजन द्वारा भुगतान किए गए 50 हजार रुपए तक के मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम को डिडक्शन के तौर पर मंजूरी है। दूसरे नागरिकों के लिए यह सीमा 25 हजार रुपए तय की गई है।

चिकित्सा उपचार पर होने वाले खर्च के लिए कटौती
सेक्शन 80DDB के तहत सीनियर सिटीजन टैक्सपेयर कुछ स्पेसिफिक बीमारियों के इलाज पर हुए खर्च के लिए 1 लाख रुपए तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। 60 साल तक की उम्र का व्यक्ति इस पर 40 हजार रुपए तक का डिडक्शन ही ले सकता है।

ब्याज से होने वाली कमाई पर डिडक्शन
वरिष्ठ नागरिक सेविंग्स बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट से मिले ब्याज पर 50 हजार रुपए (सालाना) तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। आम लोगों के लिए यह सीमा 10 हजार रुपए तय की गई है।

ई-फाइलिंग अनिवार्य नहीं
अति वरिष्ठ नागरिक ITR 1 या ITR 4 में अपना रिटर्न फाइल कर रहे हैं, तो वे इसे पेपर मोड में कर सकते हैं। इसकी ई-फाइलिंग जरूरी नहीं है।

एडवांस टैक्स भुगतान करने पर छूट
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 208 के अनुसार वो हर व्यक्ति जिसकी टैक्स लायबिलिटी साल के लिए 10 हजार रुपए या इससे अधिक है उसे एडवांस में टैक्स का भुगतान करना होता है। लेकिन सेक्शन 207 के तहत वो वरिष्ठ नागरिक जिसकी कारोबार या पेशे ये कोई इनकम नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स का भुगतान नहीं करना होता है।

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